चिल्ला कर बोलने से झूठ सच नहीं हो जाताः त्रिवेंद्र रावत

Posted on 15 Dec 2018 -by Watchdog

देहरादूनःमुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि राफेल पर मा.उच्चतम न्यायालय के निर्णय से सारी सच्चाई सामने आ गयी है। जबकि राफेल को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने देश के समक्ष झूठ फैलाने का कार्य किया है। यही नही इस प्रकरण पर कांग्रेस पार्टी के लोग लगातार झूठ बोलने का कार्य कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार केन्द्र सरकार द्वारा रक्षा सौदे पूरी पारदर्शिता के साथ दो सरकारों के मध्य किया गया है। जबकि कांग्रेस सरकार ने जितने भी सौदे किये वह सरकारों के नही बल्कि दलालों के माध्यम से किये।

शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में प्रेस प्रतिनिधियों से वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि आज माननीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने साफ कर दिया है कि राहुल गांधी एक झूठ को कितनी ही ऊंची आवाज मे बोलें वह झूठ, झूठ ही रहेगा, सच नहीं बन पाएगा। राफेल डील पर सुप्रीम कोर्ट ने सभी याचिकाओं को खारिज करके साबित किया कि सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं। आज राहुल गाँधी का झूठ पराजित हुआ है। कांग्रेस के लोगों को बरगलाने की साजिश नाकाम हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि राफेल की कीमत पर निर्णय लेना अदालत का काम नहीं है। तथा हमें राफेल विमानों की खरीद की प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नजर नहीं आता है।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि यह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और उनके उन समर्थकों पर करारा तमाचा है जो, इस मुद्दे पर लगातार झूठ बोल रहे थे। लेकिन अब उनके झूठ का पर्दाफाश हो गया है। सभी जानते हैं कि डिफेंस डील में एक सीक्रेसी क्लॉज होता है। देश की संप्रभुता और सुरक्षा के लिहाज से ऐसे मुद्दे सार्वजनिक नहीं किए जाते हैं। लेकिन राहुल गांधी तो लगातार उलूल जलूल बयान देकर न केवल देश की सुरक्षा पर सवाल उठाते रहे बल्कि सेना और सैन्य प्रतिष्ठानों की डिग्निटी पर भी सवाल उठाते रहे।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि जिस राफेल के बारे में वायुसेना प्रमुख ने सकारात्मक बातें कही, उसी राफेल पर सवाल उठाकर राहुल गांधी ने सेना पर संदेह किया है। कांग्रेस का ये इतिहास रहा है कि वो सेना और देश की रक्षा से संबंधित बातों पर सवाल उठाते हैं। आपको याद होगा जब सर्जिकल स्ट्राइक हुई थी तब भी कांग्रेस ने इस पर संदेह पैदा किया। और अब जबकि एयरफोर्स को शक्तिसंपन्न बनाने के लिए राफेल जैसे विमान की सख्त जरूरत है, तब उस पर झूठ बोलकर गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। 2002 से राफेल की खरीद पर बातचीत चल रह थी, इस बीच 10 साल कांग्रेस सत्ता में रही लेकिन तब इन्होंने राफेल खरीद में कोई रुचि नहीं दिखाई और जब मोदी जी की सरकार ने फ्रांस के साथ पूरी पारदर्शिता के साथ राफेल डील की, तो कांग्रेस में बेचैनी हो गई।

उन्होंने कहा कि हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष अमीत शाह जी ने कहा कि बीजेपी इस मामले संसद में चर्चा के लिए तैयार है। लेकिन राहुल खुद भाग रहे हैं। कांग्रेस भाग रही है। पूरा देश जानता है कि रक्षा सौदों के भारी घोटालों में किस पार्टी का हाथ रहा है। अफसोस की बात है कि बोफोर्स कांड वाले राफेल डील पर बेबुनियाद सवाल उठाते रहे। प्रधानमंत्री जी की नीयत और नीति पर देशवासियों को पूरा विश्वास है। आज फिर ये साबित हो गया कि ’चैकीदार चोर नहीं, चैकीदार वफादार है। बल्कि चोर तो वो नामदार हैं, जो राफेल पर झूठ बोलकर अपना पेट भरते रहे और संसद में चर्चा से भाग रहे हैं।’

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राफेल डील पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से राहुल गांधी के झूठ की पोल खुल गई है। राहुल गांधी ने न केवल पीएम पर झूठे आरोप लगाए बल्कि देश की सुरक्षा को भी खतरे में डालने की कोशिश की। भ्रम और झूठ फैलाने के लिए राहुल गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस ने हमेशा से रक्षा सौदों में बिचैलियों को तरजीह दी है। जबकि मोदी जी की सरकार ने पारदर्शी तरीके से राफेल मामले पर दो सरकारों के बीच सौदा किया। राहुल गांधी ने सैन्य जरूरतों और देश की सामरिक जरूरतों पर सवाल उठाया है।

राफेल डील पर संसद में चर्चा के लिए केंद्र सरकार तैयार है, लेकिन कांग्रेस इससे पीछे हट रही है। संसद में हंगामा करके कांग्रेस इस मुद्दे से लोगों का ध्यान भटकाना चाहती है, अपने झूठ पर पर्दा डालना चाहती है।

उन्होंने कहा कि राफेल मामले पर तीन मुद्दों पर चार याचिकाएं दायर की गई थी। निर्णय प्रक्रिया पर,कीमतों पर व ऑफसेट पार्टनर चुनने पर। कोर्ट ने निर्णय प्रक्रिया पर संतुष्टि जताई, कीमतों को लेकर कहा कि इससे देश को फायदा हुआ और ऑफसेट पार्टनर चुनने को लेकर भी सरकार को क्लीन चिट दी। जब वायुसेना को राफेल की जरूरत थी तो 2007 से 2014 तक राफेल पर कांग्रेस कुंडली मारकर क्यों बैठी रही। राहुल गांधी ने जो आधारहीन आरोप प्रधानमंत्री और देश पर लगाए, उनका सोर्स ऑफ इनफॉर्मेशन क्या है। राहुल गांधी देश को बताएं और देश से माफी मांगें।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जन-जन के प्रिय है और उनकी ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठा पर पूरे देश को भरोसा है।



राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों तक जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित की गईः सीएम

Posted on 26 Jan 2019 -by Watchdog

देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता मिलन हाॅल में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि पिछले 22 माह में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश हित में अनेक नीतिगत निर्णय लिये गये हैं। राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों तक जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित की गई है। प्रदेश के अर्थिक विकास एवं पिछड़ेपन को दूर करने तथा उद्योगों को बढावा देकर निवेश की व्यापक संभावनाएं तलाशी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पहली बार इन्वेस्टर्स समिट का सफल आयोजन कर रू0 01 लाख 24 हजार करोड़ क एमओयूे साइन किए गये। इसमें से रू0 40 हजार करोड़ के निवेश पहाड़ी क्षेत्रों के लिए किए गए हैं। पहाड़ों पर लघु उद्योगों का विकास किया जा रहा है। बागेश्वर में पहली लीसा फैक्ट्री की शुरुआत हुई है। इसमें से लगभग रू0 10 हजार 300 सौ करोड़ के प्रोजेक्ट जल्द धरातल पर उतरने लगेंगे। इससे 20 हजार रोजगार सृजित होंगे। मार्च तक यह लगभग 13 हजार करोड होने का अनुमान है। आने वाले 3 चार महीनों में 30 हजार करोड़ रुपए के अन्य प्रोजेक्ट भी धरातल पर दिखाई देने लगेंगे।

उन्होंने कहा कि हमारी कैबिनेट ने समय-समय पर राज्य के विकास के लिए नई नीतियों को मंजूर किया हैः। राज्य सरकार द्वारा 15 क्षेत्रों के लिये मौजूदा नीतियों में संशोधन करते हुये नये क्षेत्रों के लिये भी नीतियां बनायी गयी है, जिनमें मैगा औद्योगिक और निवेश नीति, स्टार्टअप नीति, एम.एस.एम.ई., फिल्म नीति, सूचना संचार प्रौद्योगिक और इलेक्ट्राॅनिक्स नीति, पर्यटन नीति, मेगा फूड पार्क प्रोत्साहन, आयुष नीति, मैगा टैक्साटाईल पार्क पाॅलिसी, सौर ऊर्जा नीति, इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण नीति, एरोमा पार्क नीति, बृहद औद्योगिक पंूजी निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति, जैव प्रौद्योगिकी नीति, चीड़ की पत्तियों व अन्य बायोमास से ऊर्जा उत्पादन, कीडा जड़ी दोहन और विपणन नीति सम्मिलित है। एमएसएमई के तहत उद्योगों की स्थापना के लिये जिलाधिकारियों को अधिकार दिये गये है। इसके भी सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे है।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रदेश की विकास दर और प्रति व्यक्ति आय में बढोतरी हुई है। वर्ष 2018-19 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 2,14,993 करोड़ अनुमानित है। राज्य में अनुमानित आर्थिक विकास दर 2017-18 में 6.82 फीसद थी जो 2018-19 में बढ़कर 7.03 प्रतिशत हो गई है। जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह औसत दर 7.2 प्रतिशत है। वर्ष 2018-19 में उत्तराखंड में प्रति व्यक्ति आय यानि एक आदमी की सालाना कमाई 1,90.284 रुपये है जबकि देश की प्रति व्यक्ति आय 1,25,397 है। हालांकि विकास दर और प्रति व्यक्ति आय में मैदानी जिलों और पहाड़ी जिलों में बहुत फर्क है। हमारी कोशिश इसी फर्क को पाटने की है। हम पहाड़ों को ध्यान मे रखकर योजनाएं बना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना लोगों का रक्षा कवच बनी है। प्रदेश के सभी 23 लाख परिवारों को निशुल्क स्वास्थ्य सुरक्षा सालाना 5 लाख रुपए तक कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान की जा रही है। इस योजना में अब तक 11 लाख से ज्यादा गोल्डन कार्ड बनाये जा चुके है। करीब 3 हजार लोगों का निशुल्क इलाज किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 तक जहां राज्य में 17 साल में केवल 1123 डॉक्टर तैनात थे, वहीं हमने 17 महीनों में 1137 नए डॉक्टरों की भर्तियां की है। 26 जनवरी से निशुल्क एयर एंबुलेंस सेवा शुरू कर रहे हैं। दुर्गम क्षेत्रों के लिए यह वरदान साबित होगी। अल्मोड़ा में डायलिसिस सेवा शुरू की गई है, पिथौरागढ़, श्रीनगर, कोटद्वार में जल्द शुरू करने वाले हैं। पहली बार राज्य में टेलीमेडिसिन और टेलीरेडियोलॉजी जैसी आधुनिक तकनीकें लाई गई हैं। आशा कार्यकत्रियों के बकाया भुगतान के लिए रू0 33 करोड़ जारी किए हैं। एएनएम और आशाओं के लिए दुर्घटना बीमा योजना शुरू की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चार धाम ऑलवेदर रोड़ का काम प्रगति पर है। साथ ही ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन, टनकपुर रेल लाइन व रुड़क देवबंद रेल लाइन पर जल्द काम शुरू होने वाला है राज्य के विकास में यह मील का पत्थर साबित होगा। राज्य के कोने कोने को सड़क व पुलों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। हम जो भी काम कराते हैं टाइम बाउंड करवा रहे हैं। देहरादून में अटल सेतु और विश्वेसरैया टनल इस बात का उदाहरण हैं। पिछले दो साल में रिकॉर्ड 4270 कि.मी. सड़कों का निर्माण, जबकि 1472 कि.मी. सड़कों का पुर्ननिर्माण हुआ 2022 तक 355 पुलों का निर्माण का लक्ष्य है, 155 पुलों के निर्माण की स्वीकृति दी जा चुकी है। टिहरी का बहुप्रतीक्षित डोबरा चांठी पुल का निर्माण अगस्त 2019 तक पूर्ण हो जाएगा। इसके लिये 87 करोड की धनराशि स्वीकृत की गई है। अजबपुर फ्लाईओवर भी फरवरी 2019 तक पूर्ण हो जाएगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के 71 साल बाद सीमांत गांवों में बिजली पहुचायी गयी है। सौभाग्य योजना के अधीन 246 गांवों को बिजली पहुंचाई गई, जबकि दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना से 94 गांव बिजली से रोशन हुए हैं। प्रदेश के लोगों को सस्ती हवाई सेवाओं का तोहफा मिला है। अब देहरादून से पिथौरागढ़ और पंतनगर मात्र एक घंटे की दूरी पर रह गए हैं। देहरादून से 23 शहरों तक सीधी उड़ान सेवाएं शुरू की गई है। कनेक्टिविटी के साथ ही रोपवे निर्माण में हमने काफी प्रगति की है। सुरकंडा देवी तक रोपवे निर्माण लगभग पूर्ण हो गया। पूर्णागिरी मंदिर तक भी रोपवे निर्माण चल रहा है। इसके अलावा मसूरी, केदारनाथ को भी रोपवे से जोड़ा जा रहा है। 42 वर्षों से लम्बित लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना के लिये एमओयू पर विभिन्न राज्यों द्वारा हस्ताक्षर किये जा चुके है। इससे 300 मेगावाट विद्युत प्रदेश को मिलेगी। रेणुका बांध पर भी एमओयू किया जा चुका है। किसाऊ परियोजना पर भी लगभग सहमति हो चुकी है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही सौंग बांध का निर्माण आरम्भ हो जायेगा। सूर्यधार झील का कार्य प्रगति पर है। इस योजनाओं को भी कम लागत में बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से किसानों की आमदनी दोगुनी करने के प्रयास किये जा रहे हैं। प्रदेश में दिसम्बर 2018 तक 1,60,479 कृषकों को 80975.00 लाख के ऋण उपलब्ध कराये गये हंै। फार्म मशीनरी बैंक से कृषि उपकरणों की खरीद पर 80 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। गन्ना किसानों के बकाया का 100 प्रतिशत भुगतान किया गया है उत्तराखंड को ऑर्गैनिक स्टेट बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं प्रदेश में 10 हजार जैविक क्लस्टर बनाने पर काम जारी है ’जिसमें से 1.5 लाख हेक्टेयर पर जैविक खेती की जा रही है। खेती के साथ साथ पशुपालन, मत्स्यपालन को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। दुग्ध संघों को 4 रुपए प्रति लीटर की प्रोत्साहन राशि गांवों में बागवानी, सब्जी उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। सगंध खेती से गांवों की तस्वीर बदल रही है। प्रदेश के किसानों को अब 01 लाख तक का तथा महिला स्वयं सहायता समूहों को 05 लाख तक का ऋण बिना ब्याज के दिया जायेगा। भुगतान में धान का पूरा मूल्य किसानों को रिकार्ड समय से आनलाईन भुगतान किया गया।



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