‘जब CAA-NRC पर बात करने बीजेपी वाले घर आएं तो जरूर पूछिए ये सवाल’

Posted on 23 Dec 2019 -by Watchdog

गुरदीप सप्पल

बीजेपी के लोग घर घर जाने का प्लान बना रहे हैं, लोगों को CAA-NRC समझाने के लिए। ये अच्छी बात है। क्योंकि देश में ऐसे विषयों पर संवाद और विमर्श बहुत ज़रूरी है।

उनसे कुछ ज़रूरी सवाल पूछिये। केवल हिंदू-मुस्लिम के भावनात्मक मुद्दों तक बात को सीमित न रहने दीजिए, क्योंकि मामला सबसे जुड़ा है।

सवाल :

1. CAA यानि नागरिकता संशोधन क़ानून जो बनाया है, क्या उससे पहले शरणार्थी ग़ैर मुस्लिम लोगों को भारत की नागरिकता देने का प्रावधान नहीं था?

2. पहले अगर कोई मुस्लिम शरणार्थी भारत की नागरिकता माँगता था, तो क्या उसकी माँग को मानना सरकार की मजबूरी होती थी? क्या सरकार उसे नागरिक बनाने से मना नहीं कर सकती थी?

3. अगर किसी शरणार्थी को नागरिकता देने या न देने का पूरा अधिकार सरकार को पहले से था, तो इस नए संशोधन से सरकार को और क्या मज़बूती मिली है?

4. क्या अब कोई मुस्लिम शरणार्थी भारत में कभी नागरिकता नहीं माँग पायेगा? अगर माँगेगा, तो क्या उसे भारत की नागरिकता मिल सकती है?

5. आज तक देश ने कितने हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, ईसाई, पारसी शरणार्थियों को नागरिकता दी है, डेटा पूछिए।

6. अगर पहले भी नागरिकता देने या न देने का पूरा अधिकार सरकार को पहले से है, और मुस्लिम भी पुराने क़ानून के तहत अभी भी नागरिकता के लिए अप्लाई कर सकते हैं, तो फिर इस नए क़ानून की ज़रूरत क्या थी, सिवा इसके कि वक़्त 11 साले से घटा कर 5 साल कर दिया है?

एनआरसी

1. NRC को पूरे देश में लागू करने में क्या ख़र्च आएगा?

2. असम में NRC में ₹1600 करोड और दस साल लगे। 52000 लोग इस काम में लगे थे। असम की जनसंख्या 3 करोड़ है। तो 135 करोड़ लोगों के लिए कितना ख़र्च, कितने लोग और कितना वक्त चाहिए?

3. असम की गढ़ना के हिसाब से कम से कम 72000 करोड़ रुपए औसत ख़र्च सिर्फ़ गणना करने में आएगा। ‬
जिनकी नागरिकता छिन जाएगी, उनमें से ग़ैर मुस्लिम को वापिस नागरिकता देने में कितना वक़्त और ख़र्च लगेगा?‬
जो मुस्लिम ग़ैर नागरिक़ बचेंगे , उनसे कैसे निपटेंगे? कितना वक़्त और ख़र्च चाहिए?‬

4. क्या आधार कार्ड, पासपोर्ट, वोटर कार्ड, PAN कार्ड, जन्म सर्टिफ़िकेट नागरिकता साबित करने के लिए मान्य होंगे?

5. अगर ये सब सिर्फ़ रेज़िडेन्सी के प्रमाण हैं, नागरिकता के नहीं, तो फिर प्रमाण के लिए कौन से काग़ज़ चाहिए होंगे?

6. NRC में अगर नाम या कोई और जानकारी वहाँ बैठे बाबू ने ग़लत लिख दी या ग़लत टाइप कर दी तो क्या होगा? क्या वो ग़लती ठीक होने तक नागरिकता कैन्सल रहेगी?

7. जो लोग या बच्चे 1987 के बाद पैदा हुए हैं और अगर उनके माँ बाप के पास जन्म तिथि/ जन्मस्थान का प्रमाण नहीं है, उनकी नागरिकता कैसे साबित होगी? क्योंकि क़ानून में उनकी नागरिकता के लिए माँ या बाप दोनों प्रमाणित नागरिक होने चाहिये।

8. जो लोग या बच्चे 2003 के बाद पैदा हुए हैं और अगर उनके माँ बाप के पास जन्म तिथि/ जन्मस्थान का प्रमाण नहीं है, उनकी नागरिकता कैसे साबित होगी? क्योंकि क़ानून में उनकी नागरिकता के लिए माँ और बाप दोनों प्रमाणित नागरिक होने चाहिये। ‪यदि सिर्फ़ एक पेरेंट नागरिक है, तो दूसरा अवैध migrant नहीं होना चाहिए।‬

9. जो लोग किसी क्लर्क की ग़लती के कारण नागरिकता साबित नहीं कर पाएँगे, तो उनके केस क्या अपील में जाएँगे? अपील तय करने की कोई सीमा अवधि है? क्योंकि अपील के दौरान उन लोगों की नागरिकता कैन्सल रहेगी।

10. देश में आधार कार्ड प्रोजेक्ट 11 साल से, पैन कार्ड 25 साल से, पासपोर्ट 70 साल से बन रहे हैं। यदि इस प्रक्रिया में गड़बड़ है और ग़ैर- नागरिक बाहरी लोगों ने ये बना लिए हैं, तो अब ऐसी क्या प्रक्रिया बनेगी कि बाहरी लोग NRC के काग़ज़ नहीं बना सकेंगे।

12. जिन लोगों के पास ऐसा कोई काग़ज़ नहीं है और वो दूसरे देशों से आ कर illegally चोरी छिपे रह रहे हैं, वो क्या NRC अधिकारियों को ख़ुद चल कर कहेंगे कि हमारे पास काग़ज़ नहीं है?

13. क्या ऐसे लोगों को सरकार बाद में नहीं खोजगी? उनकी पहचान कर उन पर कार्यवाही नहीं करेगी? तो क्यों नहीं सरकार उनको अभी ढूँढ ले?#NRC_CAA_questions

14. क्या सरकार गारंटी देगी कि NRC के दौरान, जब पूरे देश में लोग काग़ज़ इकट्ठा करेंगे, जमा करेंगे, तो कोई अफ़रातफ़री नहीं मचेगी? देश की अर्थव्यवस्था तरक़्क़ी करेगी और शांति व्यवस्था रहेगी। ये ज़रूरी है क्योंकि देश नोटबंदी, GST में विश्वास कर वायदों को ग़लत होते देख चुका है।



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